लखनऊ: पारा थाना क्षेत्र के बादल खेड़ा-बुद्धेश्वर इलाके में अतिक्रमण और गंदगी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नगर निगम और पुलिस की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। एफआईआर के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने नगर निगम कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की, सरकारी वाहनों को नुकसान पहुंचाया और पुलिस टीम पर लाठी-डंडों तथा लोहे की रॉड से हमला किया। आरोप है कि इस दौरान एक उपनिरीक्षक को पीछे से पकड़कर गला दबाने की कोशिश की गई, जबकि एक महिला ने लोहे की भारी जंजीर से दरोगा के सिर पर वार किया। पुलिस ने मौके से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है और घटना में इस्तेमाल जंजीर भी बरामद की है।
अतिक्रमण और गंदगी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची थी टीम
एफआईआर के अनुसार, नगर निगम की टीम सार्वजनिक नालियों और सड़कों पर गोबर डालकर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बादल खेड़ा-बुद्धेश्वर इलाके में पहुंची थी। टीम के साथ पुलिस बल भी मौजूद था।
कार्रवाई शुरू होते ही करीब 20 से 25 लोग एकजुट होकर विरोध करने लगे। आरोप है कि भीड़ में शामिल लोगों के हाथों में लाठी-डंडे, लोहे की रॉड और अन्य सामान था। इसके बाद नगर निगम और पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। सरकारी वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त करने के साथ कर्मचारियों के साथ मारपीट और गाली-गलौज का भी आरोप है।
दरोगा को पीछे से पकड़कर गला दबाने का आरोप
एफआईआर में उपनिरीक्षक विनय पटेल ने आरोप लगाया है कि एक व्यक्ति ने उन्हें पीछे से पकड़ लिया और उनका गला दबाने लगा। पुलिसकर्मियों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की। इसी दौरान एक महिला ने लोहे की भारी जंजीर से उनके सिर पर हमला कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, हमले के दौरान महिला पुलिसकर्मियों और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की गई। स्थिति बिगड़ने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को नियंत्रित करने की कोशिश की।
दो महिलाएं गिरफ्तार, जंजीर भी बरामद
पुलिस ने मौके से दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। एफआईआर में उनकी पहचान खुशबुन और आफरीन के रूप में दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, खुशबुन के पास से हमले में इस्तेमाल लोहे की जंजीर बरामद की गई।
जांच के दौरान पुलिस घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा मौके के वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है।
14 नामजद, 10-12 अज्ञात लोगों पर भी मुकदमा
मामले में 14 लोगों को नामजद किया गया है। इनमें अबरार उर्फ भूरे, इमरान, सालून, सुबिल, सराफत, अतीक, आसिफ, नसीम उर्फ जालीमुल्ला, रानू, जीशान और नफीस समेत अन्य आरोपी शामिल हैं।
इसके अलावा करीब 10 से 12 अज्ञात पुरुषों को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है। पुलिस अब नामजद और अज्ञात आरोपियों की भूमिका की पड़ताल कर रही है।
जानलेवा हमले समेत कई गंभीर धाराओं में केस
पारा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमला, हत्या के प्रयास, मारपीट, बलवा, सरकारी कार्य में बाधा, लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और जान से मारने की धमकी समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता, लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम और सीएलए एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक गौरव सिंह को सौंपी गई है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि हमले में कितने लोग शामिल थे।
